राष्ट्रीय एकता दिवस (लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल)

हमें  स्वराज से सुराज तक का सफर तय करना है। 
                                                                - सरदार पटेल  

आज लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती है, आज के दिन को "राष्ट्रीय एकता दिवस" के रूप में मनाया जाता है।  जिसकी शुरुआत 31 अक्टूबर 2014 को भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा की गयी।  ऐसा कहा जाता है कि भारत की 150 साल की गुलामी के काल में सरदार पटेल जैसा व्यक्तित्व उत्पन्न नहीं हुआ आइए जानते हैं संक्षेप में उनके बारे में।

नाम- सरदार वल्लभ भाई पटेल 

पिता का नाम- झवेर भाई 

माता का नाम- लाडबाई 

जन्म स्थान- नाडियाड (गुजरात) 

जन्म - 31 अक्टूबर 1875

मृत्यु- 15 दिसम्बर 1950  

शिक्षा- 1910 में लंदन जाकर वहां वकालत की पढाई की और फरवरी 1913 में भारत वापस आए और अहमदाबाद में वकालत करने लगे। 

साहस, शक्ति और धैर्य राष्ट्र के लिए आवश्यक है।


पटेल के जीवन के मुख्य आन्दोलन एवं कार्य:- 


1. खेड़ा किसान आंदोलन- 1918 

2. बारदोली सत्याग्रह (किसान आंदोलन)- 1928 ( महिलाओं ने सरदार की उपाधि दी)

3. देशी रियासतों का एकीकरण- अखंड भारत राष्ट्र का निर्माण कार्य शुरू किया (15 अगस्त 1947 से  मृत्यु तक)


यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि जब अंग्रेजों ने भारत का विभाजन करके पाकिस्तान बनाया तब उन्होंने  तीन शर्ते देशी रियासतों के सामने रखी:


अ) भारत में शामिल हो 

ब) पाकिस्तान में शामिल हो 

स) स्वतंत्र रहे


स्वतंत्र भारत का पहला गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री बनते ही सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपनी राजनीतिक और कूटनीतिक सूझबूझ से देशी रियासतों (जहां राजा-रजवाड़ों का शासन होता है) का एकीकरण शुरू किया उन्होंने लगभग 562 देशी रियासतों को भारत में मिलाया। यह दुनिया का सबसे बड़ा एकीकरण था, जिसमें इतनी रियासतों को मिलाया गया। पांच रियासतें जो कि भारत में नहीं रहना चाहती थी उन्हें भी सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपने दिमागी कौशल और बल प्रयोग से भारत में मिलाया अन्यथा आज भारत में न जाने कितने पाकिस्तान होते। वे पांच रियासतें इस प्रकार है: 

1. त्रावणकोर रियासत (स्वतंत्र रहना चाहते थे)

2. भोपाल रियासत (शासक- मुस्लिम नवाब)- (पाकिस्तान में मिलना चाहता था)

3. हैदराबाद रियासत (शासक- मुस्लिम निजाम)- (पाकिस्तान में मिलना चाहता था)

4. जूनागढ़ रियासत (शासक- मुस्लिम नवाब)- (पाकिस्तान में मिलना चाहता था)

5. जोधपुर रियासत (मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान में मिलने का प्रस्ताव दिया था)

कश्मीर समस्या: ऐसा कहा जाता है की यदि नेहरु कश्मीर मामले में अपनी टांग न अड़ाते तो सरदार पटेल कश्मीर को उसी समय भारत में पूर्ण राज्य के रूप में शामिल कर लेते।


"स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी"


धार्मिक कार्य: सोमनाथ मंदिर (12 ज्योतिर्लिंगों में से एक यही पर है)  का पुनर्निर्माण कार्य 1950 में  शुरू करवाया।

विवाद : ऐसा कहा जाता है की नेहरु की अतिमहत्वकांक्षा और गांधी जी के हठ के कारण सरदार को स्वतंत्र भारत का पहला प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया गया। बाद की कांग्रेस की सरकारों ने उन्हें भारत रत्न देने में भी काफी देर कर दी उनकी मृत्यु के 41 साल बाद उन्हें साल 1991 में भारत रत्न दिया गया।

सम्मान: 31 अक्टूबर 2018 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया में सरदार पटेल की मूर्ति का अनावरण किया जो विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति है। जिसे 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी'  नाम से जाना जाता है।


भारत माँ के इस सपूत को पूरा राष्ट्र कोटि-कोटि नमन करता है।

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