मध्यप्रदेश का 65वां स्थापना दिवस
मध्यप्रदेश-हृदयप्रदेश
यूं तो मध्यप्रदेश का इतिहास काफी पुराना है किन्तु इस लेख में हम चर्चा करेंगे 1947 से लेकर वर्तमान 2020 तक की।
# 1947 की स्थिति:
देश को आजादी मिलने के बाद 17 राज्य बनाये गये उनमे से 2 राज्य थे (सेंट्रल इंडिया और सेन्ट्रल प्रोविन्सेस & बरार)
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| 1947-1956 |
# 1 नवम्बर 1956 की स्थिति:
उसके बाद भाषा के आधार पर राज्य बनाने की मांग उठी जिसके लिए समय-समय पर कमेटियां (आयोग) बनाये गये, अंततः 1 नवम्बर 1956 को सेंट्रल इंडिया और सेन्ट्रल प्रोविन्सेस & बरार को मिलाकर एक नया राज्य मध्यप्रदेश बनाया गया, जिसमें से विदर्भ के 8 मराठी भाषी क्षेत्र उस समय के मुम्बई राज्य (वर्तमान महाराष्ट्र) को दे दिए गये। इसके अलावा मंदसौर की भानपुरा तहसील का एक गाँव सुनेलटप्पा राजस्थान को दे दिया गया। वहीं राजस्थान के कोटा जिले की सिरोंज तहसील को विदिशा जिले में मिला लिया गया और इस प्रकार मध्यप्रदेश बना।
इस समय मध्यप्रदेश में जिलों की संख्या 43 थी।
राजधानी भोपाल को बनाया गया जो कि सीहोर जिले की एक तहसील थी।
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| 1 नवम्बर 1956 |
- 1 नवम्बर 1956 से लेकर 1 नवम्बर 2000 तक की स्थिति
1 नवम्बर 1956 से लेकर 1 नवम्बर 2000 तक जिलों की संख्या 43 से 61 हो गयी।
-26 नवम्बर 1972 को बनाये गये जिले: 2
(कुल जिले 43+2=45)
इसमें से 1 जिला वर्तमान छतीसगढ़ में है और 1 जिला वर्तमान मध्यप्रदेश में है।
वर्तमान MP में शामिल जिला:
भोपाल (सीहोर से अलग करके)- वर्तमान मध्यप्रदेश में
-25 मई 1998 को बनाये गये जिले: 10
(कुल जिले 45+10=55)
इसमें से 6 जिले वर्तमान छतीसगढ़ में है बाकी के 4 वर्तमान मध्यप्रदेश में है।
वर्तमान MP में शामिल जिले:
बड़वानी (खरगोन से अलग करके)
श्योपुर (मुरैना से अलग करके)
कटनी (जबलपुर से अलग करके)
डिंडौरी (मंडला से अलग करके)
-30 जून 1998 को बनाये गये जिले: 6
(कुल जिले 55+6=61 )
इसमें से 3 जिले वर्तमान छतीसगढ़ में है बाकी के 3 वर्तमान मध्यप्रदेश में है।
वर्तमान MP में शामिल जिले:
हरदा (होशंगाबाद से अलग करके)
उमरिया (शहडोल से अलग करके)
नीमच (मंदसौर से अलग करके)
मध्यप्रदेश का विभाजन:
1 नवम्बर 2000 को मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ को अलग करके देश का 26 वां राज्य बनाया गया कुल 61 जिलों में से 16 जिले छत्तीसगढ़ को दे दिए गये और मध्यप्रदेश के पास 45 जिलें बचे।
# 1 नवम्बर 2000 की स्थिति:
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| 1 नवम्बर 2000 |
1 नवम्बर 2000 से लेकर वर्तमान स्थिति में जिलों की संख्या 45 से 52 हो गयी।
छत्तीसगढ़ को 16 जिले मिलने से मध्यप्रदेश के पास 45 जिलें बचे किन्तु समय समय पर प्रशासनिक दृष्टि से नये जिलो को बनाने की मांग उठी और तब से अब तक 7 नए जिले बनाये जा चुके है।
-15 अगस्त 2003 को बनाये गये जिले: 3
(कुल जिले 45 +3=48)
अशोकनगर (गुना से अलग करके)
अनुपपुर (शहडोल से अलग करके)
बुरहानपुर (खंडवा से अलग करके)
- मई 2008 को बनाये गये जिले: 2
(कुल जिले 48 +2=50)
अलीराजपुर (झाबुआ से अलग करके)
सिंगरौली (सीधी से अलग करके)
-16 अगस्त 2013 को बनाया गया जिला: 1
(कुल जिले 50 +1 =51)
आगर-मालवा (शाजापुर से अलग करके)
- 1 अक्टूबर 2018 को बनाया गया जिला: 1
(कुल जिले 51 +1 =52)
निवाड़ी (टीकमगढ़ से अलग करके)
वर्तमान मप्र में कुल 52 जिलें है ।




Sir 1 no.
ReplyDeleteSir 2 No.
ReplyDeleteVery nice
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